टॉप सीक्रेट लाइन: 25 जनवरी को करीब 3 बजे गांव धोगड़ी से तीन नाबालिक बच्चों के गुम होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी तथा बच्चों के पारिवारिक सदस्यों सहित गांव वासी बच्चों को ढूंढने में लग गए थे। गांववासियों ने इसकी जानकारी थाना आदमपुर के एस एच ओ रविंदर पाल सिंह को दी।
इसके बाद उन्होंने पुलिस की टीम गठित की। मामला बच्चों के गुम होने का ना होकर निकल हथियारों से लैस नकाबपोशों द्वारा अगवा करने का निकला। अगवा किए गए तीनों बच्चों की पहचान कार्तिक दीप, सैमुअल तथा वंश के रूप में हुई। बच्चों ने पुलिस को बताया था कि वे खेतों में पतंग लूटने गए थे इसी बीच एक कार में सवार चार नकाबपोश बदमाश जो हथियारों से लैस थे उन्होंने अगवा किया तथा वहां से लेकर फरार हो गए।
बच्चों ने सोमवार रात अपहरणकर्ताओं को चकमा दिया तथा वहां से भाग निकले इसके बाद उन्हें जालंधर पठानकोट हाईवे पर एक साइकिल मिला और वह अपने घर की तरफ चल पड़े। बच्चे भूख के कारण सुबह दसूहा का समीप गांव खड्डा के पास रुक गए और दुकानदार से खाने को कुछ मांगा। इसके बाद बच्चों ने सारी बात दुकानदार हरबंस सिंह को बताई।
हरबंस सिंह ने इसकी सूचना उन्होंने तुरंत जालंधर रूरल थाना आदमपुर के एस एच ओ रविंदर पाल सिंह को सूचित किया इसके बाद रविंदर पाल सिंह ने इंचार्ज को मौके पर भेजा और बच्चों को वहां से बरामद किया और पारिवारिक सदस्यों को सौंप दिया।
थाना आदमपुर के एस एच ओ रविंदर पाल सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले में जांच कर रही है तथा इस अपराध के लिए कौन जिम्मेदार है यह पता लगाने में लग गई है। ज्ञात रहे की टॉप सीक्रेट लाइन ने यह खबर सबसे पहले मंगलवार करीब 4:00 बजे लोगों तक पहुंचा दी थी।
